कानूनी जानकारी – मोटर वाहन दुर्घटना रोकने सम्बन्धी विधि एवं दण्ड के महत्वपूर्ण प्राविधान -धारा 184 क्या है

धारा 184 क्या है
 मोटर यान अधिनियम के अन्तर्गत मोटर दुर्घटनाओ को नियन्त्रित करने हेतू जो व्यवस्था की गयी है उसकी मुख्य – मुख्य व्यवस्थाए इस प्रकार है :  धारा 184 क्या है ?
1. (क) बिना लाइसेंस के मोटर चलाना अपराध है:-     
           मोटर वाहन यान अधिनियम की घारा -3 के अन्तर्गत कोई भी व्यक्ति पब्लिक स्थान मे तब ति मोटर वाहन नही चला सकता है जब तक उसके पास वाहन चलाने का विधिवत लाइसेसं न हो । मोटर वाहन मे बसे, ट्रक, कारें, स्कूटर इत्यादि सभी सम्मिलित है और कोई भी व्यक्ति  बिना लाइसेंस के पकडा जाता है तो उसको इसको इस अधिनियम के अन्तर्गत चालान करके दण्डित किये जाने की व्यवस्था की गई है ।
(ख) गाडी के कण्डक्टर को भी लाइसेंस की जरूरत होती है :- 
 प्रायः यह देखा गया है कि ट्रको या बसो के कन्डक्टर अनजान होते है और उनकी लापरवाही के कारण भी वाहन पर ड्राइवर द्वारा प्रभावी नियन्त्रण नही हो पाता है, इसलिए मोटर यान अधिनियम की घारा 29 के अन्तर्गत यह व्यवस्था की गई है कि किसी भी मंजिली गाड़ी मे कोई भी कण्डक्टर विना लाइसेंस के नही होगा
(घ) प्रत्येक मोटर बाहन का पंजीकृत परम आवश्यक है :-  
कोई भी व्यक्ति किसी भी मोटर वाहन को बिना पंजीकृत करायें वाहन नही चला सकता है । घारा  39 मे इसका प्रावधान किया गया है ।
(ग) बिना बीमा किये वाहन को चलाना :-  
कोई भी व्यक्ति बिना बीमा कराये वाहन को पब्लिक स्थान पर नही चलायेगा । घारा – 146 मे इसका प्रावधान एवं उल्लंघन पर दण्ड की व्यवस्था की गई है ।
  1- अपराधो के दण्ड के लिए साधारण उपबन्ध
धारा 177 के अन्तर्गत्त प्रथम अपराध के लिए 100.00 रुपये व पश्चात् वर्ती अपराध के लिए 300.00 रु० अर्थदण्ड।                      
2- धारा 178 क्या हैके बिना यात्रा करने व कण्डक्टर द्वारा कर्तव्य की अवेहलना करना – धारा 178-500.00 स्पये अर्थदण्ड ढुपहिया वाहन के लिए 50.00 रुपये ।                             
3-  धारा 179 क्या है –  आदेशों की अवेहलना, अवरोध पैदा करना –        धारा 179-500.00 रूपये अर्थदण्ड एवं एक माह का कारावास ।
4- अनाधिकृत व्यक्तिओ को वाहन चलाने की अनुमति देना –        धारा -180 मे 3 माह का कारावास या 1000.00 रुपये अर्थदण्ड ।
5- धारा 3 या 4 का उल्लंघन करना- घारा 181- 500.00 रु० का अर्थदण्ड या तीन माह का कारावास ।                             
6- अनुज्ञप्ति संम्बंधी अपराध- धारा 182- चालक पर 500/- रु० परिचालक पर 100.00/- रु० अर्थदण्ड ।                             
 6A- वाहन के निर्माण एवं संधारण सम्बन्धी अपराध-       धारा  182- क – 5000/- रु० अर्थदण्ड ।
7- तेज गति से वाहन चलाना-  धारा 183 प्रथम अपराध मे 400/- रु० एवं तत्पश्चात 1000/- रु० अर्थदण्ड ।                             
8- धारा 184 क्या है – खतरे पूर्ण तरीके से वाहन चलाना-  धारा 184- प्रथम अपराध के लिए 6 माह का कारावास 1000/- रु० अर्थदण्ड, यदि 3 वर्ष के भीतर पुनः अपराध कारित किया गया है तो दो वर्ष की सजा या 2000/- रु० अर्थदण्ड ।
 9- नशे या ड्रग्स के प्रभाव मे वाहन चलाना ( खून की जाँच आवश्यक है )  घारा 185 – प्रथम अपराध मे 6 माह या 2000/- रु० अर्थदण्ड, यदि अपराध तीन वर्ष के अन्तर्गत पुनः पारित हुआ तो 2 वर्ष का कारावास या 3000/- रु० अर्थदण्ड ।
10- मानसिक रुप से या शारीरिक रूप से अयोग्य व्यक्ति द्वारा वाहन चलाना        धारा 186 प्रथम अपराध मे 200/- रु० अर्थदण्ड, द्वितिय या पश्चातवर्ती अपराध के लिए 500/- रु० अर्थदण्ड ।
11- दुर्धटना से सम्बधित अपराधो के लिए दण्ड –        धारा 187 तीन माह का कारावास 500/- रु० अर्थदण्ड । यदि पूर्व से ऐसे किसी अपराध का दोष सिद्ध है तो 6 माह का कारावास या 1000/- रु० अर्थदण्ड ।
12- धारा 184 क्या है – मोटर वाहन अधिनियम की धारा 184, 185, व 186 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध का दुष्प्रेरण-        धारा 188, 184, 185, 196 के अनुसार प्रस्तावित दण्ड ।
13- दौड़ व गति का मुकाबला करना –     धारा 189 एक माह का कारावास या 500/- रु० तक का अर्थदण्ड ।
14- असुरिक्षत द्शा वाले यान का उपयोग किया जाना –        धारा  190 तीन माह का कारावास या 1000/- रु० का अर्थदण्ड ।
15- वाहन को ऐसी परिस्थिति मे विक्रय या परिवर्तन किया जाना जिससे इस अधिनियम का उल्लंघन हो –        धारा 191-500/- रु० तक का अर्थदण्ड ।
16 A- बिना परमिट के यानों का उपयोग –  धारा  192 प्रथम अपराध मे 5000/- रु० अर्थदण्ड तथा पश्चातवर्ती अपराध के लिए एक वर्ष का कारावास या दस हजार रु० अर्थदण्ड ।
16-B- बिना रजिस्ट्रीकरण के यानो का उपयोग –        धारा 192 मे 5000/- रु० का अर्थदण्ड प्रथम बार, द्वितीय अपराध के लिए एक वर्ष का कारावास या जुर्माना 1000/- रु० तक ।
 17- प्राधिकार के बिना एजेण्ट एवं प्रचारक के रुप मे कार्य करने वाले के लिए दण्ड की व्यवस्था-       धारा 193 प्रथम अपराध मे 1000/- रु० अर्थदण्ड पश्चातवर्ती 6 माह का कारावास या 2000/- रु० तक जुर्माना ।
 18- अनुज्ञेय वजन से अधिक वजन वाले यान का चलाना –    धारा 194 प्रथम अपराध के लिए 2000/- रु० तक का दण्ड और अतिरिक्त भार के लिए प्रतिटन 1000/- रु० । अरिरिक्त भार का वजन कराने से पूर्व माल हटाना अर्थदण्ड 3000/- रु०।
 19- बिना बीमा किये वाहन को चलाना धारा 146 का उल्लंघन-  196 मे तीन माह का कारावास या 1000/- रु० जुर्माना ।
 20- बिना अनुमति व अधिकार के या वाहन ले जाना –     धारा 197 मे तीन माह की सजा 500/- रू० तक का अर्थदण्ड ।
21- यान मे अनाधिकृत हस्तक्षेप –    धारा 198 मे 100/- रु० तक अर्थदण्ड ।
22- यातायात के मुक्त प्रवाह के अवरुद्ध करने के लिए दण्ड । सार्वजनिक स्थान मे वाहन को इस तरह खडा करना जिससे यातायात अवरूद्ध हो –  घारा 201 मे 50/- रु० प्रति घण्टे का दण्ड ।
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4 Comments on “कानूनी जानकारी – मोटर वाहन दुर्घटना रोकने सम्बन्धी विधि एवं दण्ड के महत्वपूर्ण प्राविधान -धारा 184 क्या है”

  1. गाड़ी से एक्सीडेंट हो जाये जिससे किसी वयक्ति को हलकी
    चोट है है
    और ड्राईवर पब्लिक की डर से गाड़ी छोड़ क्र भाग गया।
    और 3 दिन हो गए कोई लिखित fir नही होआ
    पुलिश गाड़ी को थाणे मे बंद कर दी है
    तो गाड़ी realese कैसे होगी

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