वायु और जल प्रदूषण करने पर 5 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना। ऐसे सुधरेंगे पर्यावरण के दुश्मन?

उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय ने हरिद्वार जिले में कार्यरत एक कंपनी पर वायु और जल प्रदूषण के कारण 5 करोड़ रुपये की पैनल्टी लगाई है । न्यायालय ने उत्तराखण्ड प्रदूषण बोर्ड को निर्देश दिए हैं कि वो क्षेत्र का निरंतर दौरा कर सुनिश्चित करें कि किसी भी प्रकार का प्रदूषण पानी या खुले में ना जाए । वरिष्ठ न्यायाधीश रिजीव शर्मा और न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की खण्डपीठ ने प्राइवेट पार्टी पर प्रदूषण फैलाने के लिए पांच करोड़ रुपये का अर्थदण्ड भरने को कहा है । न्यायालय ने उक्त फैक्ट्री को उत्तराखण्ड पॉल्यूशन बोर्ड से अनुमति मीले बगैर बन्द रखने को कहा है । न्यायालय ने महेंद्र सिंह की जनहित याचिका को सुनने के बाद धार्मिक प्रतिष्ठानों में लाऊड स्पीकरों की आवाज को हल्का रखने को भी कहा है । न्यायालय ने सचिव राज्य प्रदूषण बोर्ड को न्यायालय के आदेशों का अनुपालन ना होने की स्थिति में निलंबन की चेतावनी दी है ।

सौo कमल – व्हाट्सप

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