एपी बिल्डर हो रहा बंद ! एप इन्वेंटर का क्या है भविष्य।

रोज बन रहीं हज़ारों एप

आजकल एप का जमाना है। स्मार्ट फोन का उपयोग दिनोदिन बढ़ता ही जा रहा है। हर घर मे सबके पास अपने अपने मोबाइल हैं। सबके पास इंटरनेट है। और जरूरत के हिसाब से सबने अलग मोबाइल एप अपलोड किए हुए हैं। इसीलिए एप डेवलपर भी रोज नई नई एप बना रहे हैं।

एप बनाना पहले तो बहुत मुश्किल था क्योंकि उसके लिए बहुत ही अच्छी गुणवत्ता का कंप्यूटर या लैपटॉप चहिये होता था । और कंप्यूटर लैंग्वेज भी सीखना पड़ता था। लेकिन आजकल एप इन्वेंटर वेबसाइट के आने से यह काम काफी आसान हो गया है। और लाखों लोग इससे एप बना रहे हैं। क्योंकि इसके लिए आपको केवल ऐसा कंप्यूटर या लेपटॉप चाहिए जिसमें सिर्फ इंटरनेट अच्छे से चलता हो। और आपको नेट चलाना आता हो।

आरम्भ में एप इन्वेंटर वेबसाइट इसके लिए पैसे चार्ज करती थी लेकिन कम्पटीशन होने के बाद अधिकतर सेवाएं फ्री हो गई। एप इन्वेंटर कंपनियों में मुख्य एपी बिल्डर, thunkble, makeroid ya kodular आदि मारकेट में छाई हुई हैं।

लेकिन इन एप इन्वेंटर से एप बनाने में कई बार गूगल प्ले स्टोर के नियमों का उंलंघन हो जाता है। जिससे एप को प्ले स्टोर से हटा दिया जाता है। और डेवेलपर को काफी नुकसान होता है। कई बार यह कंपनीयां अपने को गूगल की पालिसी के अनुसार अपडेट नही कर पाती या बहुत समय लेती है। और अपने सर्वर को कुछ समय के लिए बंद कर देती है या मार्किट से बाहर हो जाती हैं। ऐसे में डेवेलोपर की मेहनत पर पानी फिर जाता है। उसे समझ नहीं आता कि अब वह क्या करे। क्योंकि उसने बहुत सारी एप एप इन्वेंटर की वेबसाइट पर बनाई होती है। उसे नए सिरे से बनाना बहुत कठिन काम होता है।

ऐसा ही एक मामला सामने आया है। इंटरनेट पर एपी बिल्डर नाम की कंपनी ने एलान किया है कि वह अपना सर्वर कुछ महीनों के लिए शट डाउन कर रही है। और अब उसके यूजर ना नई एप बना पाएंगे और ना ही पुरानी एप को अपडेट कर पाएंगे।

कंपनी के इस एलान से डेवलपरों में खलबली मची हुई है। जिन लोगों ने दूसरे एप इंवेंटर वेबसाइट पर भी एप बनाई है वह भी अपने भविष्य को लेकर घबराए हुए हैं। कि उनके साथ ऐसा ना हो जाये।

क्या है उपाय ?

एप बनाने वाले डेवेलोपर जानते हैं कि एप बनाने का सही तरीका गूगल का सॉफ्टवेर एंड्रॉइड स्टूडियो है। जो कि गूगल द्वारा फ्री में दिया जाता है। इसी सॉफ्टवेयर से ही बड़ी बड़ी एप बनाई जाती हैं। क्योंकि यह गूगल का आधिकारिक सॉफ्टवेयर है। और समय समय पर अपडेट होता रहता है। क्योंकि गूगल मोबाइल के एंड्राइड वर्जन को भी अपडेट करता रहता है तो उसको बनाने वाले सॉफ्टवेयर को भी अपडेट करना होता है। लेकिन एप इन्वेंटर कंपनियां इस अपडेट को उतनी जल्दी अप्लाई नहीं कर पाती। जिससे एप क्रेश होने लगती है। और डेवेलोपर को इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है।

इसलिए हमारे एप विशेषज्ञ जितेंद्र अरोरा का सुझाव है कि आप अपने एप गूगल के सॉफ्टवेयर एंड्राइड स्टूडियो में ही बनाये। और जो एप आपने पहले एप इन्वेंटर से बनाये हुए हैं उनको भी एंड्राइड स्टूडियो में बनाकर प्ले स्टोर में अपलोड कर लें।

जितेंद्र अरोरा जी जल्दी ही एक एप बनाने जा रहें हैं जिसमे एंड्राइड स्टूडियो की एप बनाना हिंदी में सिखाया जाएगा।

हम आगे भी इस टॉपिक पर आर्टिकल लाते रहेंगे। और पाठकों की समस्यायों को सुलझाने की कोशिश करेंगे। आपका कोई सवाल हो तो हमें कमेंट जरूर करें। और न्यूज़ वन नेशन से जुड़े रहें।

जय हिंद। जय भारत।

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