मत करो राजनीति गरीब किसानो के साथ ! एक मर्द की औलाद हो तो यह करके दिखाओ !

बेमौसमी बरसात ने किसानो को आत्महत्या करने पर मजबूर कर दिया लेकिन राजनैतिक पार्टियां अपनी रोटियां सेकने से बाज़ नहीं आ रही है, आम आदमी पार्टी के एक रैली में तो खुलेआम सबके सामने एक गजेन्द्र नाम के किसान ने आत्म हत्या कर ली, और राजनीति चलती रही और आज तक चल रही है।
         अगर किसी भी पार्टी में इंसानियत है – देश भक्ति है, और उनके नेता और कार्यकर्ता एक मर्द की औलाद है और किसानो की हितेषी है तो  नेताओ और उनके कार्यकर्ताओं को निजी तौर पर  अपनी कमाई के पैसो से  किसानो को मदद देनी चाहिए।
        
     बीजेपी आजकल बड़े जोर शोर से प्राचार कर रही है की 10 करोड़ कार्यकर्ता होगये है और विश्व की सबसे बड़ी  पार्टी  हो गई है तो अब वक्त आगया है की 10 करोड़ कार्यकर्ताओं और उनके नेताओं को देशभक्ति दिखाने का सभी से 10 रुपये से लेकर 50 रुपये और उससे अधिक जितना जिसकी हेसियत हो दे और उन पैसो को किसानो को दिए जाएँ।  अगर बीजेपी के 10 करोड़ कार्यकर्ता 10 रुपये ही देते है तो 100 करोड़ रुपये कम से कम जमा हो जायंगे  . 
        ऐसे ही अपने को किसान हितेषी बताने वाली कोंग्रेस को भी अपने नेताओ और कार्यकर्ताओ से धन एकत्र करना चाहिए और बाकि बची राजनीतिक पार्टियों आम आदमी पार्टी, सपा, बसपा, अकाली दल, शिव सेना, पीडीपी आदि को भी ऐसा करना चाहिए।
इसी प्रकार देश की आम जनता और बैनर-पोस्टर लगाकर अपने को समाज सेवी कहने वालो को भी अन्नदाता किसानो के लिए अपने अपने स्तर से कुछ धन देना चाहिए, सभी धार्मिक स्थलों को भी इस महीने के जमा धन को अन्न दाताओं को दे देना चाहिए,, सभी सामाजिक संस्थाओ लायंस क्लब, रोटरी क्लब, अजीम प्रेम जि आदि को भी किसानो को मदद देनी चाहिए।
               बेमौसमी बरसात जलवायु परिवर्तन के कारण है और पर्यावरण को नुक्सान करने वाले लोग- बड़ी बड़ी गाड़ियां और फेक्ट्रियां चलाने वाले लोगो को भी कुछ धन देना चाहिए .

              लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ प्रेस और मीडिया की भी इसमें बहुत बड़ी जिम्मेदारी बनती है और इस बार मिडिया को भी अन्न दाताओं के लिए कुछ करने के लिए आगे आना होगा , इनसाइड कवरेज न्यूज़ की टीम भी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए 2000 रूपये किसान को दे रही है और सभी मीडिया वालो अमर उजाला, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान, जी टीवी, आज तक, न्यूज़ 24, एन डी टीवी , सहारा समय आदि सभी  से भी अपील करती है की इस मुहीम को आगे बढाए और किसानो की आत्महत्या को रोकने के लिए अपनी जिम्मेदारी  निभाये , अगर कोई भी आम आदमी भी हमारी इस मुहीम से जुड़ना चाहता है और किसानो की मदद देना चाहता है तो इनसाइड कवरेज की टीम से सम्पर्क करे
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