किसानों के आगये अच्छे दिन! ‘प्रधानमंत्री किसान मान धन योजना’

देश में किसानों के नाम पर बहुत राजनीति होती है। लेकिन उनकी हालत आज भी वैसी की वैसी है जैसे आज़ादी के समय थी। लेकिन मोदी सरकार ने पिछले कार्यकाल में भी बहुत उपयोगी योजनाएं लाकर किसानों को कुछ राहत दी थी। और अब मोदी सरकार किसानों के लिए एक नई योजना लेकर आई है। जिसका नाम है “प्रधानमंत्री किसान मान धन योजना”  PM Kisan Maandhan Yojna । इस योजना में किसानों को 60 साल की उम्र पूरी करने के बाद मासिक पेंशन दी जाएगी। जिसकी राशि अभी 3 हज़ार रुपये तेय की गई है। मानधन योजना के पंजीकरण का काम पहले ही शुरू हो चुका है। लेकिन इसकी औपचारिक शुरुआत नौ अगस्त 2019 को कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने की है।

भारत सरकार की इस योजना को पूरा करने के लिये कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) ने देश भर में एक करोड़ छोटे और सीमांत किसानों का पंजीकरण करने का लक्ष्य तय किया है।

CSC के अधिकारी डॉ. दिनेश त्यागी ने बताया कि देश में कुल दो लाख गावों में CSC सेंटर हैं। सभी सेंटरों को किसानों के पंजीकरण को प्राथमिकता के साथ पूरा करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने बताया कि कंप्यूटर आधारित पंजीकरण बहुत आसान है। किसानों को केवल आधार कार्ड और बैंक खाते का विवरण देना होगा। इसी से उनका किसान पेंशन यूनिक नंबर के साथ पेंशन कार्ड बनाया जाएगा। इस योजना को जम्मू कश्मीर और लद्दाख में भी लागू किया जायेगा।

कौनसे किसान हो सकते हैं शामिल ?

PM किसान मानधन योजना PM Kisan Maandhan Yojna एक स्वैच्छिक और अंशदायिक पेंशन योजना है। इस योजना में 18-40 वर्ष का कोई भी किसान शामिल हो सकता है। किसान को हर महीने पेंशन राशि के अनुरूप अपनी उम्र के लिहाज से 55 से 200 रुपये तक का अंशदान देना होगा। वह जितना भी अंशदान देगा उतनी ही राशि सरकार की ओर से भी उसके खाते में जमा कराई जाएगी। जिससे उसकी पेंशन राशि जमा होगी।

योजना कि खास बात यह है कि दोनों पति-पत्नी योजना में शामिल हो सकते हैं। लेकिन दोनों को अपने अपने हिस्से का अंशदान अलग से देना होगा। अगर पेंशन हासिल करने से पहले ही अशंदायक किसान की मौत हो जाती है या इस योजना को जारी नहीं रखना चाहता है तो उसकी ओर से जमा समस्त राशि ब्याज के साथ उसके पति या पत्‍‌नी को दे दी जाएगी। योजना के पंजीकरण के लिए कॉमन सर्विस सेंटर CSC को विशेष दायित्व सौंपा गया है।

योजना पर कितना होगा खर्च?

प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना का लाभ लेने के लिए किसान को खेती की पूरी जानकारी देनी होगी। इसके लिए खसरा/खतौनी के अतिरिक्त आधार कार्ड , जनधन खाते की जानकारी और मोबाइल नंबर देना होगा जो कि आधार और बैंक खाते में जुड़ा हो। इस योजना पर सरकार हर साल 10,774.5 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
इस योजना की जिम्मेदारी जीवन बीमा निगम को दी गई है।

आशा करते हैं सरकार की इस योजना से किसानों को लाभ जरूर मिलेगा । अगर आप भी चाहते हैं कि इस योजना का लाभ सभी किसानों को मिले तो इस ख़बर को जरूर शेयर करें। जय हिंद

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